Aaj Ka Shabd Dhadhkna Suresh Chandra Finest Poem Jeevan Marnottar Ek Kriyashil Shabd Hai


                
                                                                                 
                            'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- धधकना, जिसका अर्थ है- आग की लपट के साथ जलना, दहकना, भड़कना, उद्वेलित हो उठना। प्रस्तुत है सुरेश चंद्रा की कविता- जीवन, मरणोत्तर एक क्रियाशील शब्द है  
                                                                                                
                                                     
                            

केतकी!

कल फिर
गुलदान छूट गिरा तुमसे
घर बिखरा ही रह गया
कपड़े गुनसाम गँधाते रहे
रोटियाँ जला ली तुमने

क्या सोचती रहती हो?
क्या खदबदाता है अंदर?
 

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